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Maa Durga Chalisa

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Maa Durga Chalisa
Last updated |September 26, 2026

Durga Chalisa Gita Press PDF – Original Hindi Chalisa Download

Lyrics | Durga Chalisa PDF

Welcome to the Durga Chalisa website. If you are a devotee of Goddess Durga,

You surely recite the Durga Chalisa as well. Geeta Press is well known for publishing religious and Hindu devotional books. Its editions of devotional texts like the Durga Chalisa are widely available and commonly used by devotees.

So Geeta Press Durga Chalisa PDF is available for you in this post.

Durga Chalisa Gita Press PDF

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Here you can download the Gita press durga chalisa PDF and read in Hindi on your mobile or computer. Save it for easy access whenever you want to do your daily path.

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Durga Chalisa Gita Press Lyrics In Hindi

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नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
अर्थ: हे माँ दुर्गा! आपको बार-बार प्रणाम, आप सभी को सुख देने वाली हैं।
नमो नमो अंबे दुःख हरनी॥ 1
अर्थ: हे माँ अंबे! आपको प्रणाम, आप अपने भक्तों के दुख दूर करने वाली हैं।

निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
अर्थ: हे माता! आपकी दिव्य ज्योति निराकार और अद्भुत है।
तिहूं लोक फैली उजियारी॥ 2
अर्थ: आपकी ज्योति तीनों लोकों में प्रकाश फैलाती है।

शशि ललाट मुख महाविशाला।
अर्थ: आपके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है और आपका मुख विशाल एवं सुंदर है।
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ 3
अर्थ: आपके नेत्र लाल हैं और आपकी भौंहों का स्वरूप शक्तिशाली एवं भयंकर है।

रूप मातु को अधिक सुहावे।
अर्थ: हे माता! आपका दिव्य रूप बहुत सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है।
दरश करत जन अति सुख पावे॥ 4
अर्थ: आपके दर्शन करने से भक्तों को बहुत सुख और शांति मिलती है।

तुम संसार शक्ति लै कीना।
अर्थ: हे माता! आपने अपनी शक्ति से इस संसार की रचना की है।
पालन हेतु अन्न धन दीना॥ 5
अर्थ: संसार के पालन-पोषण के लिए आपने अन्न और धन प्रदान किया है।

अन्नपूर्णा हुई जग पाला।
अर्थ: अन्नपूर्णा के रूप में आप पूरे संसार का पालन करती हैं।
तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ 6
अर्थ: आप ही आदि शक्ति और सुंदर स्वरूप वाली देवी हैं।

प्रलयकाल सब नाशन हारी।
अर्थ: प्रलय के समय आप संसार का संहार करने वाली शक्ति हैं।
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ 7
अर्थ: आप माता गौरी के रूप में भगवान शिव को प्रिय हैं।

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।
अर्थ: भगवान शिव और योगीजन आपकी महिमा का गुणगान करते हैं।
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥ 8
अर्थ: ब्रह्मा और विष्णु भी प्रतिदिन आपका ध्यान करते हैं।

रूप सरस्वती को तुम धारा।
अर्थ: आपने सरस्वती का रूप धारण करके ज्ञान की शक्ति प्रदान की।
दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥ 9
अर्थ: आपने ऋषि-मुनियों को सद्बुद्धि देकर उनका कल्याण किया।

धरयो रूप नरसिंह को अम्बा।
अर्थ: हे अंबे! आपने भगवान नरसिंह का रूप भी धारण किया।
परगट भई फाड़कर खम्बा॥ 10
अर्थ: नरसिंह रूप में आप खंभे को चीरकर प्रकट हुईं।

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।
अर्थ: आपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा करके उसे बचाया।
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥ 11
अर्थ: आपने हिरण्याक्ष का अंत करके उसका उद्धार किया।

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।
अर्थ: आपने संसार में माता लक्ष्मी का रूप धारण किया।
श्री नारायण अंग समाहीं॥ 12
अर्थ: लक्ष्मी रूप में आप भगवान नारायण के साथ विराजमान रहती हैं।

क्षीरसिन्धु में करत विलासा।
अर्थ: आप क्षीर सागर में भगवान नारायण के साथ निवास करती हैं।
दयासिन्धु दीजै मन आसा॥ 13
अर्थ: हे दया की सागर माता! हमारी मनोकामनाएँ पूरी करें।

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।
अर्थ: हिंगलाज में भी आप भवानी के रूप में विराजमान हैं।
महिमा अमित न जात बखानी॥ 14
अर्थ: आपकी महिमा इतनी महान है कि उसका पूरी तरह वर्णन नहीं किया जा सकता।

मातंगी अरु धूमावति माता।
अर्थ: आप मातंगी और धूमावती जैसे दिव्य रूपों में भी पूजी जाती हैं।
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥ 15
अर्थ: आप भुवनेश्वरी और बगलामुखी के रूप में भक्तों को सुख और शक्ति देती हैं।

श्री भैरव तारा जग तारिणी।
अर्थ: आप तारा देवी के रूप में संसार के प्राणियों का उद्धार करने वाली हैं।
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥ 16
अर्थ: आप छिन्नमस्ता आदि शक्तियों के रूप में संसार के दुखों को दूर करने वाली हैं।

केहरि वाहन सोह भवानी।
अर्थ: हे भवानी! सिंह आपका वाहन है और आपके स्वरूप की शोभा बढ़ाता है।
लांगुर वीर चलत अगवानी॥ 17
अर्थ: वीर हनुमान जी आपके आगे चलकर आपकी सेवा और अगवानी करते हैं।

कर में खप्पर खड्ग विराजै।
अर्थ: आपके हाथों में खप्पर और तलवार जैसे शक्तिशाली अस्त्र सुशोभित हैं।
जाको देख काल डर भाजै॥ 18
अर्थ: आपके शक्तिशाली रूप को देखकर काल भी भयभीत हो जाता है।

सोहै अस्त्र और त्रिशूला।
अर्थ: आपके हाथों में अनेक अस्त्र और त्रिशूल सुशोभित होते हैं।
जाते उठत शत्रु हिय शूला॥ 19
अर्थ: आपके अस्त्रों की शक्ति से शत्रुओं के हृदय में भय उत्पन्न होता है।

नगरकोट में तुम्हीं विराजत।
अर्थ: नगरकोट में भी आप देवी के रूप में विराजमान हैं।
तिहुँलोक में डंका बाजत॥ 20
अर्थ: तीनों लोकों में आपकी शक्ति और महिमा प्रसिद्ध है।

शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे।
अर्थ: हे माता! आपने शुम्भ और निशुम्भ जैसे दानवों का वध किया।
रक्तन बीज शंखन संहारे॥ 21
अर्थ: आपने रक्तबीज और अन्य दुष्ट शक्तियों का भी संहार किया।

महिषासुर नृप अति अभिमानी।
अर्थ: महिषासुर नाम का राजा बहुत ही अहंकारी और शक्तिशाली था।
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥ 22
अर्थ: उसके अत्याचारों के कारण पूरी धरती दुखी और परेशान हो गई थी।

रूप कराल कालिका धारा।
अर्थ: तब माता ने भयंकर कालिका का रूप धारण किया।
सेन सहित तुम तिहि संहारा॥ 23
अर्थ: आपने उसकी पूरी सेना सहित उसका संहार कर दिया।

परी गाढ़ सन्तन पर जब जब।
अर्थ: जब-जब संतों और भक्तों पर कठिन संकट आया,
भई सहाय मातु तुम तब तब॥ 24
अर्थ: तब-तब माता ने उनकी सहायता करके उनकी रक्षा की।

अमर पुरी औरो सब लोका।
अर्थ: हे माता! अमरपुरी और संसार के सभी लोक आपकी शक्ति से जुड़े हुए हैं।
तब महिमा सब रहें अशोका॥ 25
अर्थ: आपकी महिमा का स्मरण करने से भक्त दुखों से दूर और सुखी रहते हैं।

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।
अर्थ: ज्वाला देवी के पवित्र रूप में भी आपकी दिव्य ज्योति विराजमान है।
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥ 26
अर्थ: स्त्री और पुरुष सभी भक्त आपकी श्रद्धा से पूजा करते हैं।

प्रेम भक्ति से जो यश गावें।
अर्थ: जो भक्त प्रेम और भक्ति से आपकी महिमा का गुणगान करते हैं,
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥ 27
अर्थ: उनके जीवन में दुख और दरिद्रता दूर रहती है।

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।
अर्थ: जो व्यक्ति पूरे मन से आपका ध्यान करता है,
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥ 28
अर्थ: उसे जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्ति प्राप्त होने का आशीर्वाद मिलता है।

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।
अर्थ: योगी, देवता और ऋषि-मुनि भी आपकी महिमा का वर्णन करते हैं।
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥ 29
अर्थ: आपकी शक्ति के बिना सच्ची योग-साधना पूर्ण नहीं हो सकती।

शंकर आचारज तप कीनो।
अर्थ: भगवान शंकर ने भी कठिन तपस्या की।
काम क्रोध जीति सब लीनो॥ 30
अर्थ: उन्होंने काम और क्रोध जैसे विकारों पर विजय प्राप्त की।

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।
अर्थ: भगवान शंकर दिन-रात ध्यान और साधना में लीन रहते हैं।
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥ 31
अर्थ: एक समय ऐसा आया जब उन्होंने माता शक्ति का स्मरण नहीं किया।

शक्ति रूप का मरम न पायो।
अर्थ: तब भगवान शंकर भी शक्ति के वास्तविक स्वरूप को पूरी तरह समझ नहीं पाए।
शक्ति गई तब मन पछितायो॥ 32
अर्थ: शक्ति के दूर होने पर उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ और वे पछताए।

शरणागत हुई कीर्ति बखानी।
अर्थ: जो भक्त आपकी शरण में आते हैं, उनकी महिमा और रक्षा होती है।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥ 33
अर्थ: हे जगदंबा भवानी! आपकी बार-बार जय हो।

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।
अर्थ: भक्त की भक्ति से आदि जगदंबा माता प्रसन्न हुईं।
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥ 34
अर्थ: माता ने बिना देर किए अपनी शक्ति और कृपा प्रदान की।

मोको मातु कष्ट अति घेरो।
अर्थ: हे माता! मैं बहुत से कष्टों से घिरा हुआ हूँ।
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥ 35
अर्थ: आपके अलावा मेरे दुखों को दूर करने वाला कौन है?

आशा तृष्णा निपट सतावें।
अर्थ: इच्छाएँ और लालसाएँ मुझे बहुत परेशान करती हैं।
मोह मदादिक सब बिनशावे॥ 36
अर्थ: हे माता! मेरे मोह, अहंकार और अन्य बुराइयों को दूर करें।

शत्रु नाश कीजै महारानी।
अर्थ: हे महारानी! मेरे शत्रुओं और बाधाओं का नाश करें।
सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥ 37
अर्थ: मैं पूरे मन और एकाग्रता से आपका स्मरण करता हूँ।

करो कृपा हे मातु दयाला।
अर्थ: हे दयालु माता! मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।
ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला॥ 38
अर्थ: मुझे समृद्धि, सफलता और आध्यात्मिक सिद्धियों का आशीर्वाद देकर प्रसन्न करें।

जब लगि जियऊं दया फल पाऊं।
अर्थ: जब तक मैं जीवित रहूँ, आपकी कृपा का फल प्राप्त करता रहूँ।
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं॥ 39
अर्थ: मैं हमेशा आपकी महिमा और यश का गुणगान करता रहूँ।

श्री दुर्गा चालीसा जो कोई गावै।
अर्थ: जो भक्त श्रद्धा से श्री दुर्गा चालीसा का पाठ या गायन करता है,
सब सुख भोग परमपद पावै॥ 40
अर्थ: उसे जीवन में सुख प्राप्त होते हैं और अंततः परम पद की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

समापन

देवीदास शरण निज जानी।
अर्थ: देवीदास स्वयं को माता की शरण में समर्पित भक्त मानते हैं।
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥ 41
अर्थ: हे जगदंबा भवानी! अपने भक्त पर सदा अपनी कृपा बनाए रखें।

What is Durga Chalisa Gita Press?

Durga Chalisa Gita Press refers to the Durga Chalisa associated with the religious publications of Gita Press. It is a devotional prayer dedicated to Maa Durga and is traditionally recited by devotees during worship and daily prayer.

Gita Press is well known for publishing Hindu religious and spiritual books. Therefore, people searching for a Durga Chalisa Gita Press PDF are generally looking for the Hindi text of the Durga Chalisa in a convenient PDF format for reading, printing, or saving.

Conclusion.

The Gita Press Durga Chalisa PDF provides accurate and authentic lyrics; that is why many devotees of Goddess Durga prefer to recite the Durga Chalisa from the Gita Press version.

Those who wish to download the PDF will find the link in this post.

Maa Durga Chalisa Lyrics And PDF with Meaning

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If you wish to read the Maa Durga Chalisa in a particular language, you will find PDF files of the Maa Durga Chalisa below.

Durga Chalisa PDF In English with Meaning

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 Durga Maa Chalisa Hindi PDF and Lyrics with Meaning

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